कोरोना के भय से स्कूल नही जा रहे है छात्र
बाराबंकी। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थी और उनके अभिभावक कोरोना संक्रमण को लेकर अभी डरे हैं। शायद यही वजह है कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई शुरू होने के 12 दिन बाद भी कक्षाओं में सन्नाटा है। बहुत से वह अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे जिन्होंने पढ़ाई की सहमति दी थी। प्रमुख वित्तविहीन विद्यालयों में 40 फीसदी तो राजकीय व एडेड स्कूलों में 10 फीसदी विद्यार्थी ही पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर विद्यार्थी ऐसे हैं जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई करने का जरिया नहीं है। माना जा रहा है कि विद्यालयों में कोविड से बचाव को लेकर किए गए इंतजाम छात्रों की सुरक्षा का भरोसा अभिभावकों को नहीं दिला पा रहे है।
कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत खुले शहर के महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में शिक्षकों व विद्यार्थियों को सैनिटाइजेशन व जांच के बाद परिसर में प्रवेश दिया गया। छात्र-छात्राएं मास्क भी लगाए थीं। क्लास रूम में सोशल डिस्टेंसिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके बाद भी 40 फीसदी विद्यार्थी ही उपस्थित थे। प्रधानाचार्य राम किशोर शुक्ल ने बताया कि कॉलेज 16 सौ विद्यार्थियों में 12 सौ से अधिक के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने की लिखित अनुमति दी है। इसके बावजूद शनिवार को छह सौ विद्यार्थी ही उपस्थित हुए।
श्री साईं इंटर कॉलेज में शनिवार को मास्क पहन कर पढ़ने पहुंचे छात्र-छात्राओं के हाथ सैनिटाइज कराने के बाद प्रवेश दिया गया। जांच की निगरानी के लिए शिक्षक गेट पर मौजूद थे। कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का ध्यान रखा गया। कॉलेज प्रबंधक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप सभी इंतजाम किए हैं। इसके बाद भी पंजीकृत 26 सौ विद्यार्थियों के सापेक्ष 1272 छात्र-छात्राएं ही शनिवार को उपस्थित हुए।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की पढ़ाई से पहले क्लास रूम को सैनिटाइज किया जा रहा था। इस विद्यालय में हाईस्कूल व इंटर के एक हजार विद्यार्थी पंजीकृत है। इसमें से शनिवार को 107 विद्यार्थी ही उपस्थित थे। प्रधानाचार्य जयकरन यादव ने बताया कि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अस्वस्थ नहीं है। ऐसे में जिन छात्रों के पास आनलाइन पढ़ाई का कोई माध्यम नहीं है, वे स्कूल आ रहे हैं। बैठक कर अभिभावकों को सुरक्षा के इंतजामों से अवगत कराया गया है। दीपावली के बाद छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत खुले शहर के महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में शिक्षकों व विद्यार्थियों को सैनिटाइजेशन व जांच के बाद परिसर में प्रवेश दिया गया। छात्र-छात्राएं मास्क भी लगाए थीं। क्लास रूम में सोशल डिस्टेंसिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके बाद भी 40 फीसदी विद्यार्थी ही उपस्थित थे। प्रधानाचार्य राम किशोर शुक्ल ने बताया कि कॉलेज 16 सौ विद्यार्थियों में 12 सौ से अधिक के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने की लिखित अनुमति दी है। इसके बावजूद शनिवार को छह सौ विद्यार्थी ही उपस्थित हुए।
श्री साईं इंटर कॉलेज में शनिवार को मास्क पहन कर पढ़ने पहुंचे छात्र-छात्राओं के हाथ सैनिटाइज कराने के बाद प्रवेश दिया गया। जांच की निगरानी के लिए शिक्षक गेट पर मौजूद थे। कक्ष में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का ध्यान रखा गया। कॉलेज प्रबंधक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप सभी इंतजाम किए हैं। इसके बाद भी पंजीकृत 26 सौ विद्यार्थियों के सापेक्ष 1272 छात्र-छात्राएं ही शनिवार को उपस्थित हुए।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की पढ़ाई से पहले क्लास रूम को सैनिटाइज किया जा रहा था। इस विद्यालय में हाईस्कूल व इंटर के एक हजार विद्यार्थी पंजीकृत है। इसमें से शनिवार को 107 विद्यार्थी ही उपस्थित थे। प्रधानाचार्य जयकरन यादव ने बताया कि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अस्वस्थ नहीं है। ऐसे में जिन छात्रों के पास आनलाइन पढ़ाई का कोई माध्यम नहीं है, वे स्कूल आ रहे हैं। बैठक कर अभिभावकों को सुरक्षा के इंतजामों से अवगत कराया गया है। दीपावली के बाद छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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